तंबाकू कर क्या है? नवीनतम अपडेट और असर
अगर आप धूम्रपान या बीडीसी उत्पाद इस्तेमाल करते हैं तो तंबाकू कर सीधे आपके जेब में जाता है। सरकार इसे स्वास्थ्य बचाव के लिए बढ़ाती रहती है, लेकिन साथ ही राजस्व भी बनता है। इस पेज पर हम 2025 की नई दरें, इनके कारण और आप कैसे खर्च कम कर सकते हैं, सब बतायेंगे। पढ़ते रहिए, हर बात आपके काम आएगी।
तंबाकू कर में नई दरें 2025
जनवरी 2025 में वित्त मंत्रालय ने तंबाकू पर अतिरिक्त 25% एक्साइज टैक्स लगाने की घोषणा की। इसका मतलब है कि सिगरेट की कीमत औसत में लगभग ₹15‑₹20 बढ़ जाएगी। बिडी और बीडीपी को भी समान दर से बढ़ोतरी मिलेगी, इसलिए एक पैक का खर्च पहले के मुकाबले थोड़ा महंगा होगा। सरकार ने बताया कि इस कदम से धूम्रपान घटेगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य बेहतर होगा।
नई नियमों में कुछ छूटें भी हैं—जैसे छोटे शहरों में सीमित मात्रा पर टैक्स कम रखी गई है, ताकि स्थानीय उद्योग को नुकसान न हो। लेकिन बड़े शहरों में कीमत में बढ़ोतरी स्पष्ट रूप से दिखेगी। अगर आप अभी भी किफायती विकल्प ढूंढ रहे हैं तो लाइट सिगरेट या इलेक्ट्रॉनिक वैप्स देख सकते हैं, पर उनमें भी कर लागू है।
तंबाकू कर के असर और बचत के तरीके
कर बढ़ने से सबसे पहला असर बाजार में कीमतों का झटका है। कई लोग सिगरेट की जगह चबाने वाले तंबाकू या पिप चुनते हैं, जो अक्सर सस्ते होते हैं। लेकिन ध्यान रखें, इन विकल्पों में भी स्वास्थ्य जोखिम रहता है और सरकार धीरे‑धीरे उन पर भी टैक्स लगाएगी।
अगर आप खर्च कम करना चाहते हैं तो सबसे आसान तरीका है—धूम्रपान छोड़ना। कई NGOs मुफ्त काउंसलिंग और निकोटीन रिप्लेसमेंट थैरेपी दे रहे हैं, जिससे आपको समर्थन मिल सकता है। कुछ रिटेलर्स क्विक पॉप‑ऑफ़ डिस्काउंट दे रहे हैं, पर ये अक्सर सीमित समय के लिए होते हैं, इसलिए सावधानी से इस्तेमाल करें।
एक और उपाय है—बड़े पैकेज में खरीदना। एक बड़ी बॉक्स की कीमत प्रति सिगरेट कम होती है, लेकिन फिर भी टैक्स का असर रहेगा। आप अपने दोस्तों या परिवार के साथ मिलकर bulk purchase कर सकते हैं, जिससे कुल खर्च थोड़ा घटेगा।
अंत में, तंबाकू कर से मिलने वाला राजस्व सरकार को स्वास्थ्य कैंपेन चलाने, अस्पतालों की सुविधाएं बढ़ाने और नशा मुक्त समाज बनाने में मदद करता है। इसलिए टैक्स का उद्देश्य सिर्फ़ पैसे इकट्ठा करना नहीं, बल्कि जनता को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। आप चाहे कीमत बढ़े या ना बढ़े, समझदारी से चुनाव करें—स्वस्थ रहें और खर्च बचाएं।