स्वस्थ्य स्थिति कैसे बनाएँ: आसान टिप्स और जरूरी जानकारी

आपका शरीर आपका सबसे बड़ा संपत्ति है, लेकिन अक्सर हम इसे अनदेखा कर देते हैं। क्या आप भी सोचते हैं कि ‘कल ठीक होगा’ और फिर वही पुरानी आदतें जारी रख देते हैं? चलिए आज ही कुछ छोटे‑छोटे बदलावों से अपनी स्वस्थ्य स्थिति को बेहतर बनाते हैं।

दैनिक रूटीन में छोटे बदलाव

सबसे पहले, सुबह उठते ही पानी का एक गिलास पीना शुरू करें। यह आपके मेटाबोलिज्म को तेज़ करता है और शरीर से टॉक्सिन निकालता है। फिर 5‑10 मिनट स्ट्रेचिंग या योगा जोड़ें; इससे जोड़ों की लचक बनी रहती है और मन शांत रहता है।

काम के बीच में छोटे‑छोटे ब्रेक लेना भी ज़रूरी है। स्क्रीन पर लगातार दो घंटे बैठने से आँखों और पीठ दोनों को नुकसान हो सकता है। हर 45 मिनट बाद 5 मिनट चलें, गहरी साँस लें या हल्की एक्सरसाइज़ करें। इस आदत से ऊर्जा बनी रहती है और थकान कम होती है।

खाने‑पीने की सही समझ

भोजन में शुगर और प्रोसेस्ड फ़ूड को घटाएँ, बल्कि फल, सब्ज़ी और दालें बढ़ाएँ। एक प्लेट में आधा भाग सब्ज़ियाँ, चौथा प्रोटीन (दाल या अंडे) और बाकी कार्बोहाइड्रेट रखें – यह संतुलित पोषण का आसान फॉर्मूला है।

भोजन के बाद तुरंत सोना न करें; कम से कम 30 मिनट चलें या हल्का योगा करें। इससे पाचन बेहतर होता है और मोटापा रोकने में मदद मिलती है। साथ ही, रात को खाना जल्दी खत्म करना (रात 8‑9 बजे तक) नींद की गुणवत्ता बढ़ाता है।

पानी पीना न भूलें – दिन में कम से कम 2 लीटर पानी रखें। अगर आपको पानी का स्वाद नहीं पसंद तो थोड़ा नींबू या ककड़ी डालकर पिएँ, इससे हाइड्रेशन मज़ेदार बन जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य को ना भूलें

तनाव आपके शरीर पर सीधा असर डालता है – रक्तचाप बढ़ता है, इम्यूनिटी कमजोर होती है। इसलिए रोज़ 10‑15 मिनट मेडिटेशन या गहरी साँसों के अभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। छोटे लक्ष्य तय कर उन्हें पूरा करने से आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

सोशल मीडिया पर बहुत समय बिताना भी तनाव का कारण बन सकता है। एक निर्धारित समय सीमा रखें, जैसे दिन में 30 मिनट ही स्क्रॉलिंग करें और बाकी समय परिवार या शौक को दें। यह आपके मूड को स्थिर रखता है।

व्यायाम: रोज़ थोड़ा‑थोड़ा

जिम जाने की ज़रूरत नहीं, घर पर भी कई आसान वर्कआउट हैं – स्क्वैट्स, पुश‑अप्स, जम्पिंग जैक। हर दिन 20‑30 मिनट इन एक्सरसाइज़ को करें और धीरे‑धीरे तीव्रता बढ़ाएँ। अगर आप बाहर जाना पसंद करते हैं तो तेज़ चलना या साइक्लिंग भी शानदार विकल्प है।

ध्यान रखें कि व्यायाम के बाद स्ट्रेच करना आवश्यक है, इससे मसल्स की थकान कम होती है और लचीलेपन में सुधार होता है। एक छोटा‑सा रूटीन बनाकर इसे रोज़ दोहराएँ – आपका शरीर जल्द ही बदलाव महसूस करेगा।

इन सभी टिप्स को अपनी लाइफ़स्टाइल में धीरे-धीरे अपनाएँ। बड़ी चीज़ें नहीं, छोटे‑छोटे कदम आपके स्वास्थ्य को स्थायी रूप से सुधारते हैं। आज ही एक छोटा लक्ष्य चुनिए और शुरू कीजिए – आपका स्वस्थ्य भविष्य यहीं से शुरू होता है।

सित॰, 11 2024
सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी एम्स दिल्ली में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं

सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी एम्स दिल्ली में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं

सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी की स्थिति गंभीर है और वे दिल्ली के एम्स में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। उन्हें 19 अगस्त को उच्च बुखार के कारण आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों की एक बहु-विषयक टीम उनकी स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रही है।

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