फेफड़ों की सूजन: समझें क्या होता है और कैसे रोकें
जब फेफ़ड़े सही ढंग से काम नहीं करते तो सांस फूलना या खाँसी जैसी समस्या आती है। इसे डॉक्टर अक्सर "फेफड़ों की सूजन" कहते हैं। यह बीमारी कई कारणों से हो सकती है, जैसे संक्रमण, एलर्ज़ी या धूम्रपान। अगर आप इन लक्षणों को जल्दी पहचान लेते हैं तो इलाज आसान रहता है।
मुख्य कारण और जोखिम वाले कारक
सबसे आम कारण बैक्टेरियल या वायरल इन्फेक्शन होते हैं, जैसे न्यूमोनिया या फ्लू। इसके अलावा दमा, ब्रोंकाइटिस और एंटीबायोटिक रिसिस्टेंट बॅक्टेरिया भी फेफड़ों को सूजा सकते हैं। धूम्रपान, वायु प्रदूषण और काम के जगह पर धूल‑धुआँ भी जोखिम बढ़ाते हैं। अगर आप रोज़ाना सिगरेट पीते हैं या बड़े शहर में रहते हैं जहाँ हवा बहुत गंदी है, तो फेफड़े जल्दी सूज सकते हैं।
लक्षण कैसे पहचानें?
सूजन के शुरुआती संकेत अक्सर हल्की खाँसी और सांस लेने में थकान होते हैं। जैसे‑जैसे बीमारी आगे बढ़ती है, आपको तेज़ खाँसी, बुखार, छाती में दर्द या साँस लेते समय आवाज़ आने लग सकती है। अगर आप रात को लगातार खांसी से परेशान हो रहे हैं या सांस लेता‑लेता थकते महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर से मिलना चाहिए।
एक आसान तरीका है कि आप अपनी श्वास गति पर ध्यान दें। सामान्य स्थिति में आराम करने के बाद एक मिनट में 12‑20 बार सांस लेना ठीक रहता है। अगर यह संख्या लगातार बढ़ती दिखे, तो फेफड़े सूजन का संकेत हो सकता है।
घर पर क्या कर सकते हैं?
पहले तो धूम्रपान छोड़ें और घर में एअर प्यूरीफ़ायर या खुली खिड़की रखकर ताज़ा हवा लाएँ। गरम पानी से भाप लेना, नमक के पानी से गार्गल करना और शहद‑नींबू वाला गर्म पेय पीना सूजन कम करने में मदद करता है। अगर खाँसी बहुत ज़्यादा हो तो ओवर‑दी‑काउंटर कफ़ सिरप या एंटी‑हिस्टामिन ले सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
बड़ी बीमारियों जैसे न्यूमोनिया के लिए एंटीबायोटिक जरूरी होते हैं, इसलिए खुद से दवा बंद न करें। यदि बुखार 101°F (38.3°C) से ऊपर हो या सांस लेने में बहुत तकलीफ हो तो तुरंत अस्पताल जाएँ।
कब डॉक्टर को दिखाएँ?
इन स्थितियों में डॉक्टर के पास जाना जरूरी है:
- सांस लेता‑लेता थकान और छाती में दर्द लगातार दो दिन से अधिक रहे
- बुखार 102°F (38.9°C) से ऊपर हो
- खाँसी में खून या हरा‑पीला बलगम आता हो
- असामान्य ध्वनि जैसे सिसी या वीज़ल सुनाई दे
डॉक्टर छाती की एक्स‑रे, ब्लड टेस्ट और स्पिरोमीट्री जैसी जांच कर सकता है। इससे सही कारण पता चलता है और उपचार जल्दी शुरू किया जा सकता है।
रोकथाम के आसान उपाय
स्वस्थ फेफड़े बनाए रखने के लिए रोज़ाना हल्का व्यायाम जैसे तेज चलना या साइक्लिंग करें। विटामिन C और D वाले खाद्य पदार्थ, जैसे संतरा, अमृत फल और दही, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। मास्क पहनकर धूल‑धुएँ से बचें और वार्षिक फ्लू वैक्सीन लगवाएँ। ये छोटे‑छोटे कदम फेफड़ों की सूजन को काफी हद तक रोक सकते हैं।
अंत में, अगर आप अपने लक्षणों को नजरअंदाज़ नहीं करेंगे तो फेफड़े जल्दी ठीक हो सकते हैं। कोई भी नई दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना याद रखें। स्वस्थ सांसें आपके जीवन की गुणवत्ता बढ़ाती हैं, इसलिए आज ही इन आसान टिप्स को अपनाएँ।