दिल्ली विश्वविद्यालय की ताज़ा ख़बरें और उपयोगी जानकारी

अगर आप दिल्ली यूनिवर्सिटी से जुड़ी खबरों, एंट्रेंस डेट्स या रिज़ल्ट्स की तलाश में हैं तो यह पेज आपके लिए है। यहाँ हर दिन नई अपडेट मिलती है – चाहे वह एडमिशन अलर्ट हो, फैकल्टी रिसर्च या कैंपस इवेंट। आप एक ही जगह पर सब कुछ पा सकते हैं और समय बचा सकते हैं।

प्रवेश प्रक्रिया और डेडलाइन

दिल्ली विश्वविद्यालय में UG और PG दोनों कोर्सेस के लिए अलग‑अलग एंट्रेंस शेड्यूल है। 2025 की बैचलर एडमिशन के लिए आवेदन फॉर्म आम तौर पर जनवरी के आख़िरी हफ्ते खुले होते हैं, और अंतिम तिथि मार्च के मध्य तक रहती है। अगर आप डिली वॉइस या इंटीग्रेटेड कोर्स चाहते हैं तो पहले रैंक लिस्ट देखना जरूरी है क्योंकि सीटें जल्दी भरती हैं।

डॉक्टरेट या रिसर्च प्रोग्राम में दाखिला पाने के लिए प्रोफ़ेसर से संपर्क कर प्रपोज़ल भेजना चाहिए, फिर आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्लिकेशन फॉर्म भरें। इस प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेज – मार्कशीट, रीसर्च स्टेटमेंट और रेफरल लेटर – तैयार रखें। समय पर सबमिशन करने से आपका आवेदन फ़ाइल्ड में रहेगा और आपको आगे की जानकारी तुरंत मिलेगी।

परीक्षा परिणाम और कैरियर टिप्स

परिणाम अक्सर मई के पहले सप्ताह में ऑनलाइन प्रकाशित होते हैं। आप अपने रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन आईडी से आसानी से देख सकते हैं। अगर आपको रिज़ल्ट मिल गया है तो अगले कदम की योजना बनाना जरूरी है – चाहे वह इंटर्नशिप हो, आगे का कोर्स या नौकरी की तैयारी।

कैरियर काउंसलिंग सेंटर के वार्षिक मेन्यूज़ में प्रोफेशनल गाइडेंस और रिज़्युमे बिल्डिंग वर्कशॉप्स होते हैं। इनका फायदा उठाएँ, क्योंकि कई बार सही स्किल सेट ही नौकरी की चाबी बनती है। साथ ही, यूनिवर्सिटी की प्लेसमेंट सेल से जुड़े रहें; वहाँ से कंपनियों के रिक्रूटमेंट डेट्स और इंटरव्यू टिप्स मिलते रहते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय में विभिन्न क्लब और सोसायटियां भी सक्रिय हैं – साहित्यिक क्लब, टेक फोरम, सामाजिक सेवा समूह आदि। इनमें शामिल होने से नेटवर्क बनता है और अतिरिक्त एक्स्ट्रा‑करिकुलर पॉइंट्स भी मिलते हैं जो ग्रेडिंग सिस्टम में मददगार होते हैं।

यदि आप किसी खास फ़ैकल्टी या रिसर्च प्रोजेक्ट की जानकारी चाहते हैं तो वेबसाइट के “फ़ैकल्टी प्रोफ़ाइल” सेक्शन पर जाएँ। यहाँ हर प्रोफ़ेसर की पब्लिकेशन लिस्ट, शोध दिशा और संपर्क विवरण उपलब्ध है। सीधे ई‑मेल करके सवाल पूछें; बहुत से प्रोफ़ेसर छात्रों को गाइड करने में खुश होते हैं।

कैंपस लाइफ का मज़ा भी नहीं भूलना चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय के कई हॉस्टल, खेल के मैदान और कैफ़ेटेरिया अच्छी सुविधाएँ देते हैं। यदि आप नई जगह पर जा रहे हैं तो हॉस्टल रेजिस्ट्री या बॉर्डर फ़्लाइट शेड्यूल देख लें – इससे ट्रांसपोर्टेशन की परेशानी नहीं होगी।

हर महीने का “डेली यूनिवर्सिटी बुलेटिन” इस टैग पेज में अपलोड किया जाता है। इसमें प्रमुख खबरें, इवेंट कैलेंडर और छात्र कहानियां शामिल होती हैं। आप इसे फॉलो करके हमेशा अपडेटेड रह सकते हैं।

हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़ी सभी जानकारी आपके लिए आसान बन जाए। अगर आपको कोई खास टॉपिक चाहिए तो सर्च बार में कीवर्ड डालें या नीचे कमेंट सेक्शन में बताएं – हम जल्द ही उस पर लेख लिखेंगे। पढ़ते रहिए, सीखते रहिए, और अपने भविष्य को बेहतर बनाइए।

अक्तू॰, 14 2024
जी.एन. साईबाबा की पार्थिव देह अस्पताल को दान करने का निर्णय

जी.एन. साईबाबा की पार्थिव देह अस्पताल को दान करने का निर्णय

दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जी.एन. साईबाबा की पार्थिव देह उनके परिवार ने उनके इच्छा के अनुसार अस्पताल को दान करने का निर्णय लिया है। साईबाबा का निधन 12 अक्टूबर 2024 को 58 वर्ष की आयु में हुआ। वह आदिवासी अधिकारों के समर्थक और सरकारी नीतियों के आलोचक थे।

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