चुनाव प्रणाली क्या है? आसान भाषा में समझिये

भारी बहस और खबरों के बीच कभी‑कभी हमें समझ नहीं आता कि असली मतदान कैसे होता है। चलो, आज हम बिना जटिल शब्दों के, भारत की चुनावी प्रक्रिया को तोड़‑तोड़ कर देखेंगे। आप बस पढ़िए और अगर अगला वोट देना हो तो तैयार रहिए।

भारत का मुख्य चुनावी ढांचा

सबसे पहले याद रखें – हमारे पास तीन बड़े स्तर के चुनाव होते हैं। पहला है लोकसभा (सदन) elections, जहाँ 543 सदस्य पूरे देश से चुने जाते हैं। दूसरा है राज्य विधानसभा elections, जो प्रत्येक राज्य की सरकार बनाते हैं। तीसरा है पैंचायत/नगर निकाय चुनाव, जहाँ गाँव या शहर का स्थानीय प्रशासन तय होता है। हर स्तर पर अलग‑अलग नियम होते हैं लेकिन बुनियादी बात वही रहती है – मतदाता अपने अधिकार के लिए खड़े होते हैं।

लोकसभा के लिए 18 वर्ष की उम्र पूरी होने वाले सभी नागरिक वोट दे सकते हैं, बस उनका नाम voter list में होना चाहिए। विधानसभा और पैंचायत चुनाव भी यही मानदंड अपनाते हैं, लेकिन कभी‑कभी राज्य‑विशिष्ट age या residency requirement भी जुड़ी रहती है।

वोटिंग कैसे होती है? चरण‑बाय‑चरण प्रक्रिया

सबसे पहले आप अपना EPIC (Electors Photo Identity Card) बनवाते हैं। यह कार्ड आपके नाम, फोटो और पता दिखाता है। अगर आपका नाम नहीं है तो सबसे नजदीकी Electoral Office में जाकर आवेदन कर सकते हैं – ऑनलाइन भी संभव है।

अगला कदम है वोटिंग डे पर जाना। प्रत्येक मतदान केंद्र को एक नंबर दिया जाता है और उस दिन सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहते हैं। आपको बस अपने EPIC या कोई वैध पहचान पत्र ले कर जाकर नाम की सूची में अपना नाम चेक करना होता है। फिर आप एक स्टाफ को बताते हैं कि आपका वोट किस उम्मीदवार/पार्टी के लिए है और वह आपको एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) देती है।

EVM में दो बटन होते हैं – हरा बटन ‘वोट दें’ के लिये, लाल बटन ‘रिकॉन्फर्मेशन’ के लिये। आप अपना विकल्प चुनते ही बटन दबाते हैं और मशीन आपके वोट को रिकॉर्ड कर लेती है। अधिकांश केंद्रों पर VVPAT (Voter Verified Paper Audit Trail) भी लगा होता है जो आपका पेपर रसीद दिखाता है, जिससे आप अपनी पसंद दोबारा देख सकते हैं।

अगर आपको कोई दिक्कत मिले – जैसे मशीन नहीं चल रही हो या आपकी पहचान में समस्या हो – तो तुरंत चुनाव अधिकारी को बताइए, वो समाधान करेंगे। इस तरह की छोटी‑छोटी बातों का ध्यान रख कर आपका वोट सही जगह पहुंचता है।

हाल ही में हरियाणा के नगर निकाय चुनाव 2022 ने दिखाया कि डिजिटल रजिस्ट्रेशन और ऑनलाइन अप्लिकेशन से प्रक्रिया कितनी तेज़ हो सकती है। कई छोटे शहरों में अब इलेक्ट्रॉनिक वॉटरिंग सिस्टम भी लागू किया गया है, जिससे मतदाता देर तक नहीं ठहरते।

तो, अगली बार जब चुनाव आए तो बस ऊपर बताए गए स्टेप्स याद रखिए – EPIC बनवाइए, मतदान केंद्र पर समय से पहुँचे, और ईवीएम के बटन दबाते ही आपका वोट गिनती में जुड़ जाएगा। कोई जटिल बात नहीं, सिर्फ़ अपना अधिकार इस्तेमाल करने की छोटी‑सी कोशिश।

जून, 25 2024
एलन मस्क ने राजनीतिक दलों की सत्यता पर सवाल उठाया: 'अगर कोई कहता है कि उनका दल गलत नहीं करता तो वह या झूठा है या मूर्ख या दोनों'

एलन मस्क ने राजनीतिक दलों की सत्यता पर सवाल उठाया: 'अगर कोई कहता है कि उनका दल गलत नहीं करता तो वह या झूठा है या मूर्ख या दोनों'

टेक अरबपति एलन मस्क ने हाल ही में एक बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि जो कोई भी यह दावा करता है कि उनका राजनीतिक दल कभी गलत नहीं करता, वह या तो झूठा है, मूर्ख है या दोनों। यह बयान मस्क के पहले के उन टिप्पणियों के बाद आया है जहां उन्होंने ईवीएम्स की हैकिंग की उच्च संभावनाओं का उल्लेख किया था और सुझाव दिया था कि उन्हें चुनावों में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

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