चोट – क्या कारण हैं? नई खबरें और रोकथाम के उपाय

हर दिन हम समाचार में कई बार चोट की रिपोर्ट देखते हैं—स्पोर्ट्स मैदान में टक्करों से लेकर सड़कों पर अचानक दुर्घटनाओं तक। चोट केवल दर्द नहीं देती, बल्कि इलाज‑खर्च, काम से छुट्टी और कभी‑कभी लंबी रिकवरी भी ले आती है। इसलिए इस टैग पेज पर हम आपको ताज़ा चोट समाचार, उनके पीछे के कारण और रोज़मर्रा में चोट से बचने की आसान तकनीकें बताते हैं। पढ़ते रहिए, आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख पाएँगे।

ताज़ा चोट समाचार

पिछले हफ़्ते दिल्ली के एक हाई‑वे पर दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हुई, जिसमें चालक को गंभीर सिर पर चोट आई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। इसी तरह, इस महीने का IPL मैच भी कई खिलाड़ियों में मांसपेशियों की खिंचाव लेकर आया—कभी बॉलिंग से घुटने में मोच और कभी तेज़ दौड़ते हुए टखना मोड़ा गया। इन घटनाओं ने दिखाया कि खेल या रोज‑मर्रा की गाड़ी चलाने में छोटी‑छोटी लापरवाही बड़ी चोट का कारण बन सकती है।

दैनिक जीवन में चोट से बचाव कैसे करें?

पहला कदम—सही उपकरण इस्तेमाल करना। साइकिल, स्कूटर या खेल के दौरान हेल्मेट, घुटने और कोहनी की पैडिंग पहनें। दूसरा, रास्ते पर ध्यान दें; मोबाइल का उपयोग करते समय गति कम रखें और ट्रैफ़िक संकेतों को अनदेखा न करें। तीसरा, व्यायाम से शरीर मजबूत बनाएं—स्ट्रेचिंग और हल्की कसरत मांसपेशियों की लचीलापन बढ़ाती है, जिससे मोच कम होती है।

यदि आप किसी चोट का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत बर्फ लगाएँ, दर्द वाले हिस्से को ऊपर रखें और डॉक्टर से मिलें। खुद इलाज करने की कोशिश में अक्सर स्थिति बिगड़ सकती है। याद रखिए, छोटी‑छोटी सावधानियाँ बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं।

कलाकृति प्रकाश पर आप चोट से जुड़ी हर खबर को त्वरित अपडेट के साथ पा सकते हैं। चाहे वह खेल का एथलीट हो या आम नागरिक—हमारी रिपोर्ट में तथ्य और उपयोगी टिप्स दोनों मिलते हैं। अब जब आप इस पेज पर आएँ, तो अपनी सुरक्षा की योजना बनाना न भूलें।

मई, 27 2024
नीरज चोपड़ा ने मांसपेशियों की चोट के कारण ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक से नाम वापस लिया

नीरज चोपड़ा ने मांसपेशियों की चोट के कारण ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक से नाम वापस लिया

भारत के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने मांसपेशियों की चोट के चलते ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक 2024 से नाम वापस लिया। यह चोट दो हफ्ते पहले प्रशिक्षण के दौरान लगी थी। चोपड़ा ने बताया कि पिछले अनुभवों के आधार पर उन्होंने प्रतियोगिता में भाग न लेने का निर्णय लिया है ताकि ओलंपिक वर्ष में किसी बड़े जोखिम से बचा जा सके।

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