आर्थिक विकास – आज क्या चल रहा है?

अगर आप जानना चाहते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था में कौन‑सी चीज़ें बदल रही हैं, तो सही जगह पर आए हैं। यहाँ हम रोज़मर्रा के पढ़ने वाले को आसान भाषा में सरकार की नीतियों, व्यापार समझौतों और बाजार की हरकतों का सार बताते हैं। अब बात शुरू करते हैं उन बड़े कदमों से जो आपके जेब या व्यवसाय पर असर डाल सकते हैं।

मुख्य आर्थिक नीतियां

सबसे पहले GST काउंसिल के फैसले को देखें। हाल ही में उन्होंने 2000 रुपये से कम डिजिटल लेन‑देनों पर 18% कर लगाने की योजना को टाल दिया है। इसका मतलब छोटे व्यापारियों को तुरंत अतिरिक्त टैक्स नहीं देना पड़ेगा, और ऑनलाइन भुगतान अभी भी सस्ता रहेगा। साथ ही हेलिकॉप्टर सर्विसेज पर GST घटाकर 5% कर दिया गया, जिससे पर्यटन और हाई‑एयर ट्रांसपोर्ट के दाम थोड़ा नीचे आएँगे।

रिज़र्व बैंक की नई नियुक्ति भी बड़ी खबर है। शाक्तिकांत दास को प्रधान मंत्री मोदी ने प्रमुख आर्थिक सचिव (प्रमुख सचिव‑2) बना दिया। उनका वित्तीय और आरथिक अनुभव कई सालों से RBI में रहा है, इसलिए उम्मीद है कि अब मौद्रिक नीति में स्थिरता आएगी और महंगाई के खिलाफ सख़्त कदम उठाए जाएंगे।

इन दोनों बदलावों का असर आम जनता तक जल्दी ही महसूस होगा—छोटे व्यापारी कम टैक्स देंगे, और लोग हेलीकॉप्टर टूर या तेज़ी से पैसे निकालने में कम खर्च करेंगे। साथ ही RBI की नई नीति के कारण लोन की दरें भी स्थिर रह सकती हैं।

व्यापार और निवेश

इंटरनेट पर बात करते‑चलते एक बड़ा समझौता सामने आया – भारत‑UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA)। इस समझौते से 90% वस्तुओं पर टैरिफ घटेगा और सालाना £25.5 अरब का द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा उन उद्योगों को होगा जो यूके में निर्यात करते हैं, जैसे फार्मास्यूटिकल्स और टेक्नोलॉजी। अगर आप अपने प्रोडक्ट को यूरोप तक पहुँचाना चाहते हैं तो अब लागत कम होगी।

राफेल M डील भी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। भारत ने फ्रांस से 26 राफेल जेट खरीदे, कुल कीमत लगभग $7.5 बिलियन बताई गई है। इस डील से न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में नौसेंना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों को उच्च तकनीकी सर्किट्री बनाने का मौका मिलेगा। कई सप्लायर्स को नई फैक्ट्री खोलने या मौजूदा प्लांट अपग्रेड करने के ऑर्डर मिल सकते हैं।

इन बड़े समझौतों से निवेशकों की रुचि भी बढ़ेगी। अगर आप स्टॉक मार्केट में कदम रखना चाहते हैं तो इस बात पर ध्यान दें कि कौन‑से सेक्टर नई सरकार या अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से लाभान्वित हो रहे हैं—जैसे एयरोस्पेस, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स।

अंत में एक छोटी सी सलाह: जब भी आर्थिक खबर पढ़ें, तो उसका असर आपके रोज़मर्रा के खर्च या निवेश पर सोच‑समझकर देखें। छोटे बदलाव अक्सर बड़ी बचत की ओर ले जाते हैं। हमारी साइट पर ऐसे कई लेख उपलब्ध हैं—GST से लेकर FTA तक—जिन्हें आप आसानी से पढ़ सकते हैं और अपनी वित्तीय योजना बना सकते हैं।

तो अब जब भी आर्थिक निर्णय या नई नीति सुनें, तुरंत इस पेज पर आएँ, ताज़ा जानकारी प्राप्त करें और समझदार कदम उठाएँ।

नव॰, 15 2024
भारतीय आर्थिक विकास के लिए कम-तकनीकी रोजगार उत्पन्न करने की आवश्यकता: एन.आर. नारायण मूर्ति

भारतीय आर्थिक विकास के लिए कम-तकनीकी रोजगार उत्पन्न करने की आवश्यकता: एन.आर. नारायण मूर्ति

इन्फोसिस के सह-संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति ने भारत के आर्थिक विकास के लिए कम-तकनीकी क्षेत्रों में रोजगार उत्पन्न करने पर जोर दिया है। उन्होंने इस विषय पर मुंबई में आयोजित ग्लोबल लीडरशिप समिट में चर्चा की। मूर्ति का मानना है कि भारत को चीन और वियतनाम के रणनीतियों का अनुसरण कर अपने निर्यात को बढ़ावा देना चाहिए और अधिक रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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