सगाई से जुड़ी ताज़ा खबरें - क्या नया चल रहा है?
अगर आप सगाई यानी एंगेजमेंट के बारे में जानकारी ढूँढ रहे हैं तो सही जगह पर आए हैं। यहाँ हम सरल भाषा में बताएँगे कि भारत में सगाई कैसे मनायी जाती है, आज‑कल कौन‑से ट्रेंड चल रहे हैं और हाल की ख़बरों का क्या असर पड़ रहा है। आप बस पढ़िए और अपने दोस्त‑परिवार के साथ शेयर करिये।
सगाई की परम्पराएँ
पुराने ज़माने में सगाई एक छोटी सी रस्म थी – रिंग बदलना, दूल्हे‑दुल्हन के परिवारों का मिलना और फिर शादी की तैयारियों की शुरुआत। हर क्षेत्र की अपनी‑अपनी रीति‑रिवाज़ होती है। पंजाब में सगाई को ‘रंगवली’ कहा जाता है जहाँ दो परिवार एक साथ रंगीन रिवाज़ करते हैं। दक्षिण भारत में अक्सर दूल्हे के घर वाले फूलों से सजाया हुआ ‘प्यारनामा’ पढ़ते हैं और फिर दोनों हाथों में रिंग डालते हैं। ये सब बातें अभी भी बड़ी शोह़रत रखती हैं क्योंकि लोग अपने रिश्तों को सम्मानित करने का तरीका चाहते हैं।
आजकल कई युवा पारंपरिक रिवाज़ को थोड़ा बदल रहे हैं – जैसे कि सगाई के मौके पर फोटोशूट, लाइवस्ट्रीम और सोशल मीडिया पर शेयरिंग। लेकिन मूल बात वही है: दो दिलों का साथ तय करना और दोनों परिवारों की स्वीकृति लेना।
आज के सगाई ट्रेंड्स
पिछले साल कई बड़े सेलेब्रिटी ने भव्य सगाई आयोजित की, जिससे आम लोगों में भी ‘बिग बैंड’ ट्रेंड आया। अब छोटे‑छोटे शहरों में भी लोग प्रोफेशनल इवेंट प्लानर्स को बुला रहे हैं, ताकि venue, décor और मेहमानों के लिए एकदम सही माहौल बन सके।
एक नया ट्रेंड है ‘इको‑फ्रेंडली सगाई’। कपड़े से बने सजावट की जगह रीसायक्ल्ड पेपर या पवन ऊर्जा चलित लाइट्स इस्तेमाल करने का चलन बढ़ रहा है। लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक होते हुए भी अपने इवेंट को स्टाइलिश बनाना चाहते हैं।डिजिटल युग में सगाई कार्ड अब ई‑कार्ड और व्हाट्सएप ग्रुप इन्विटेशन से भेजे जा रहे हैं। इससे लागत कम होती है, पेपर बचता है और मेहमानों तक तुरंत जानकारी पहुँचती है। कई कपड़े की दुकानें भी ऑनलाइन कस्टम रिंग डिजाइन सर्विस दे रही हैं – आप अपनी पसंदीदा शैली चुनकर घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं।
सगाई के बाद अक्सर ‘मेहंदी’, ‘बारात’ और ‘शादी’ की तैयारियों में तेज़ी आती है। इसलिए कई कूपन साइट्स अब सगाई से जुड़े रियाल‑टाइम डील दे रही हैं – जैसे फ़ोटोग्राफर, बैंड या मेकअप आर्टिस्ट के लिए डिस्काउंट कोड। इनको इस्तेमाल करने से बजट पर भी बचत होती है।
अगर आप अपनी सगाई प्लान कर रहे हैं तो पहले तय करें कि आपको किस तरह की रिवाज़ चाहिए – पारम्परिक, मॉडर्न या दोनों का मिश्रण। फिर बजट बनाकर सबसे ज़रूरी चीज़ों को प्राथमिकता दें: जगह, ड्रेस, रिंग और फोटो/वीडियो कवरेज। बाकी सब बाद में जोड़ सकते हैं।
आखिर में इतना ही – सगाई एक ख़ुशी का मौका है, चाहे आप बड़े शहर में हों या छोटे गाँव में. अपने रिश्ते को सम्मानित करने के लिये थोड़ा सोच‑समझ कर प्लान बनाइए और इस खास दिन को यादगार बनाइए। कलाकृतिप्रकाश पर नई‑नई खबरें पढ़ते रहिए, ताकि आप हर ट्रेंड से अपडेट रहें।