ऑपरेशन विजय – जीत का जश्न
जब भी बात होती है भारतीय सेना की तो दिल में गर्व उठता है। ‘ऑपरेशन विजय’ सिर्फ़ एक नाम नहीं, ये हमारे सैनिकों की कड़ी मेहनत और रणनीतिक सोच का परिणाम है। आप भी पूछेंगे‑ क्या इस ऑपरेशन ने हमें नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया? जवाब हाँ में ही है, लेकिन समझना जरूरी है कि किस तरह से.
ऑपरेशन विजय का इतिहास और महत्व
1999 के कश्मीर संघर्ष के दौरान ‘ऑपरेशन विजय’ नाम दिया गया था। उस समय हमारे जवानों ने पहाड़ी इलाकों में दुश्मन को धक्का मारते हुए कई रणनीतिक मोर्चे सुरक्षित किए। इस जीत ने न सिर्फ़ सीमा की सुरक्षा बढ़ाई, बल्कि हमारी सैन्य आत्मविश्वास को भी नई ताकत दी। लोग अक्सर पूछते हैं‑ क्या वही भावना अब भी हमारे दिलों में बसी है? बिल्कुल, क्योंकि हर बार जब भारत कोई बड़ा रक्षा सौदा करता है तो वह इस विजयी भावना को आगे ले जाता है.
नई रक्षा उपलब्धियां – राफेल M और आगे की दिशा
आज के समय में ‘ऑपरेशन विजय’ का नया चेहरा राफेल M डील है। भारत ने फ्रांस से 26 मारिन जेट्स खरीदे, जिससे हमारे नौसैनिक शक्ति को जबरदस्त बूस्ट मिला। ये जेट 2028‑29 में डिलीवर होने वाले हैं और पुराने MiG‑29K का स्थान लेंगे। साथ ही ट्रेनर वर्जन और मेनटेनेंस पैकेज भी शामिल है, तो आप कह सकते हैं कि हमारी हवाई सुरक्षा अब एक कदम आगे बढ़ गई है.
इसी तरह, हाल के वर्षों में हमने कई अन्य उपकरणों को अपनाया – 5G स्मार्टफ़ोन से लेकर उन्नत बॅटरियों तक। जबकि ये सीधे ‘ऑपरेशन विजय’ से जुड़े नहीं लगते, पर तकनीकी आत्मनिर्भरता का मतलब है कि जब भी कोई ऑपरेशन होगा, हमारे पास बेहतरीन सपोर्ट रहेगा.
आप सोच रहे होंगे‑ अब आगे क्या?
सबसे बड़ी चुनौती है इन उपकरणों को सही ढंग से इस्तेमाल करना और हमारी टीम को लगातार ट्रेनिंग देना। अगर हम यह कर पाएँगे तो ‘ऑपरेशन विजय’ की भावना फिर से नई जीतें दिला सकती है – चाहे वो कगारिल में हो या समुद्र के बीच.
तो, अगली बार जब आप समाचार में किसी बड़े रक्षा सौदे या ऑपरेशन की बात सुनेंगे, तो याद रखिए कि ये सब ‘ऑपरेशन विजय’ के ही विस्तार हैं। हमारे सैनिकों की मेहनत, सरकार की नीति और जनता का भरोसा मिलकर इस जीत को हर साल दोहराते रहेंगे.