निर्जला एकादशी: क्या है, कब है और कैसे रखें?
निर्जला एकादशी हर साल विष्णु भगवान को समर्पित खास दिन होता है। इस दिन व्रत रखने वाले पानी भी नहीं पीते, इसलिए इसे ‘निर्जल’ कहा जाता है। अगर आप पहली बार यह व्रत रख रहे हैं या फिर नियमों में दुविधा है, तो पढ़िए ये आसान गाइड।
निर्जला एकादशी का इतिहास और महत्त्व
एकादशी को हिंदू ग्रन्थ ‘श्रीमद्भगवतम्’ में विशेष रूप से उल्लेखित किया गया है। निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्तों को शुद्धि और मोक्ष की राह दिखायी। माना जाता है कि इस व्रत से शरीर, मन और आत्मा साफ होते हैं, और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। कई पौराणिक कहानियों में बताया गया है कि निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु ने दुष्ट शक्ति को हराया था, इसलिए यह दिन दुश्मनों से सुरक्षा का भी प्रतीक माना जाता है।
व्रत कैसे रखें: आसान कदम
1. **सही तिथि चुनें** – हिंदू पंचांग में निर्जला एकादशी आम तौर पर भादरवा या कार्तिक महीने में आती है। स्थानीय पंडित से पुष्टि करें या विश्वसनीय कैलेंडर देखें।
2. **सुबह का स्नान** – व्रत शुरू करने से पहले हल्का कपड़ा पहनकर पानी से नहाएँ, फिर शुद्ध जल नहीं पीते।
3. **प्राथना और पूजा** – विष्णु जी की मूर्ति या चित्र के सामने फूल, चंदन, नैवेद्य रखें। 108 बार जप करें या मनपसन्द भजन गाएं।
4. **भोजन का ध्यान** – व्रत में केवल फल, नट्स और सब्जियों से बने हल्के व्यंजन खाए जा सकते हैं, पर पानी नहीं पीते। अगर आप पूरी तरह निर्जल रखना चाहते हैं तो दिन भर पानी की कोई भी छोटी-छोटी बूंद नहीं लें।
5. **संध्या व्रत समाप्ति** – सूर्यास्त के बाद धीरे‑धीरे हल्का पानी पिएँ और फिर साधारण भोजन करें। यह प्रक्रिया शरीर को अचानक डिहाइड्रेशन से बचाती है।
यदि आप काम या पढ़ाई में व्यस्त हैं, तो निर्जला एकादशी का व्रत रख सकते हैं लेकिन ध्यान रखें कि दिन भर पानी की कमी से सिर दर्द या थकान नहीं हो। छोटे-छोटे ब्रेक लेकर गहरी साँसें लें और हल्की योगा असनाएँ करें। इससे ऊर्जा बनी रहती है और मन शांत रहता है।
निर्जला एकादशी का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी भी है। पानी न पीने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, पाचन शक्ति सुधरती है और वजन नियंत्रित रहता है। कई लोग इसे डिटॉक्स डाइट की तरह अपनाते हैं, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है, खासकर अगर आप कोई बिमारी या दवाइयाँ ले रहे हों।
इस वर्ष का निर्जला एकादशी कब पड़ रहा है, यह जानने के लिए कलाकृति प्रकाश पर जाएँ और ताज़ा अपडेट देखें। यहाँ आपको व्रत से जुड़ी खबरें, विशेषज्ञों की राय और स्थानीय कार्यक्रमों का भी पता चल जाएगा। अगर आपके पास कोई सवाल है या आप अपने अनुभव साझा करना चाहते हैं, तो कमेंट सेक्शन में लिखिए – हम सब मिलकर इस पावन दिन को और खास बनाएँगे।