आईटीआर फाइलिंग का सरल मार्गदर्शन (2025)
अगर आप सोच रहे हैं कि इस साल आयकर रिटर्न (आईटीआर) कैसे जमा करें, तो सही जगह पर आ गए हैं। हम आपको वो सब बतायेंगे जो असली काम में आएगा – बिना जटिल शब्दों के और जल्दी‑जल्दी.
आईटीआर क्या है?
आईटीआर आपके साल भर की आय का हिसाब होता है, जिसे सरकार को देना ज़रूरी है। यह फॉर्म सिर्फ कर जमा करने के लिए नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय स्थिति दिखाने का तरीका भी है. अगर आप फ़ाइल नहीं करते, तो पेनल्टी और ब्याज लग सकता है.
फ़ाइल करने के मुख्य चरण
1. दस्तावेज़ तैयार करें: वेतन स्लिप, फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट, प्रॉपर्टी या फ़िक्स्ड डिपॉज़िट से आय का प्रमाण, और अगर आपने कोई निवेश किया है तो उसके सर्टिफिकेट (इसीएससी, पीपीएफ आदि). सब एक जगह रख लें – इससे बाद में समय बचेगा.
2. सही फॉर्म चुनें: अधिकांश salaried लोग ITR‑1 (Sahaj) इस्तेमाल करते हैं। अगर आपके पास प्रॉपर्टी या शेयर मार्केट से आय है, तो ITR‑2 या ITR‑3 देखिए. फॉर्म की गाइडलाइन वेबसाइट पर मिल जाएगी.
3. ऑनलाइन पोर्टल खोलें: इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट की आधिकारिक साइट (https://www.incometax.gov.in) पर जाएँ, अपना यूज़र‑आईडी और पासवर्ड बनाएं या मोबाइल OTP से लॉगिन करें.
4. डेटा भरें: फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही ढंग से डालें – आय, टैक्स कटौती, निवेश, धारा 80C/80D आदि. अगर आप पहली बार कर रहे हैं तो “ऑटो‑फ़िल” विकल्प मददगार रहेगा.
5. वैधता और चेक: सभी एंट्रीज़ की दोबारा जाँच करें। खासकर टैक्स डिडक्शन और टीडिएस (TDS) को मैच करना न भूलें. अगर कोई गलती रह गई तो रिटर्न रीफ़ाइल करना पड़ेगा.
6. सबमिट और वैरिफ़ाई: फ़ॉर्म जमा करने के बाद “वेरिफ़िकेशन” ज़रूरी है। आप इसे एडिटर (आधिकारिक ई‑वॉटरमार्क), ऑडियो OTP या नेट बैंकिंग के माध्यम से कर सकते हैं.
7. रसीद सुरक्षित रखें: फ़ाइल करने के बाद एक पीडीएफ कॉपी डाउनलोड करें और प्रिंट करके रख लें. भविष्य में अगर किसी कारण से पूछताछ हो, तो यह काम आएगी.
समय‑सीमा और दंड
2025 की फाइलिंग डेडलाइन आम तौर पर 31 जुलाई है। अगर आप देर से फ़ाइल करते हैं, तो 1% प्रति माह का लेट फीस लगेगा, साथ में बकाया टैक्स पर भी ब्याज लग सकता है. इसलिए जल्दी करना बेहतर.
आम गलतियों से बचें
- डुप्लिकेट एंट्री: एक ही आय को दो बार नहीं लिखें.
- छूट का ध्यान न रखना: सेक्शन 80C, 80D, 24(b) आदि में मिलने वाली कटौतियों को भूलना आम है.
- पिछले साल की फॉर्म री‑यूज़ करना: हर वर्ष नई आय और नए निवेश के साथ नया फ़ॉर्म भरें.
इन बुनियादी बातों को याद रखकर आप बिना परेशानी के अपना आईटीआर जमा कर सकते हैं. अगर अभी भी दुविधा है, तो एक टैक्स सलाहकार से छोटा‑सा परामर्श ले लेना फायदेमंद रहेगा.
आखिर में, सही समय पर फ़ाइल करने से न सिर्फ़ दंड बचता है बल्कि आपकी वित्तीय रिकॉर्ड साफ रहती है. अब देर किस बात की? आज ही सभी दस्तावेज़ इकट्ठा कर शुरू करें!