CM SHRI स्कूलों की प्रवेश परीक्षा 2025-26: 13 सितंबर को आयोजित, कक्षा 6, 7, 8 के लिए एडमिट कार्ड जारी

CM SHRI स्कूलों की प्रवेश परीक्षा 2025-26: 13 सितंबर को आयोजित, कक्षा 6, 7, 8 के लिए एडमिट कार्ड जारी दिस॰, 14 2025

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने CM SHRI स्कूल प्रवेश परीक्षा 2025-26दिल्ली के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षा 13 सितंबर, 2025 को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक राजधानी के सभी परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। यह परीक्षा कक्षा 6, 7 और 8 में प्रवेश के लिए आयोजित की गई, और इसका नतीजा अब जारी हो चुका है। यह केवल एक परीक्षा नहीं — यह दिल्ली के सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के एक बड़े बदलाव का पहला कदम है।

परीक्षा का स्वरूप और नियम

परीक्षा ओएमआर आधारित थी, 100 प्रश्नों के साथ 100 अंकों की, और इसे पूरा करने के लिए 150 मिनट का समय दिया गया। चार खंड थे: हिंदी भाषा, अंग्रेजी भाषा, सामान्य जागरूकता और मानसिक क्षमता व संख्यात्मक योग्यता। कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं थी — एक बड़ी राहत थी माता-पिता और बच्चों के लिए। प्रश्न हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध थे। कक्षा 6 के छात्रों के लिए गणित में मुख्य रूप से क्षेत्रमिति (क्षेत्रफल और परिमाप) पर जोर था, कक्षा 7 के लिए अनुपात और साधारण ब्याज, और कक्षा 8 के लिए चक्रवृद्धि ब्याज, गुणनखंड और लघुत्तम समापवर्त्य-महत्तम समापवर्तक।

स्कूलों का नया विजन: टेक्नोलॉजी और बदलाव

CM SHRI स्कूलों का उद्देश्य केवल शिक्षा नहीं, बल्कि एक नई शिक्षा व्यवस्था बनाना है। दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए हाल ही में 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। ये स्कूल पीएम श्री स्कूल के मॉडल पर बनाए जा रहे हैं, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप हैं। यहाँ AI-सक्षम लाइब्रेरी, AR/VR स्मार्ट कक्षाएँ, बायोमेट्रिक उपस्थिति सिस्टम और रोबोटिक्स लैब्स होंगे। यह बदलाव सिर्फ इमारतों तक सीमित नहीं — यह दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन को धीरे-धीरे समाप्त करने और सभी संलग्न स्कूलों को सीबीएसई में बदलने का भी हिस्सा है।

परीक्षा के बाद क्या हुआ?

एडमिट कार्ड 10 सितंबर को जारी किए गए थे, जो आवेदन की अंतिम तिथि 22 अगस्त के बाद आया था। असल में, परीक्षा 6 सितंबर के लिए तय थी, लेकिन 23 जुलाई के आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार इसे 13 सितंबर पर बढ़ा दिया गया। परीक्षा के बाद, दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने आधिकारिक रिजल्ट और मेरिट लिस्ट edudel.nic.in पर प्रकाशित कर दी। अंक देखने के लिए छात्रों को दो अलग-अलग लिंक दिए गए — एक रिजल्ट देखने के लिए, दूसरा अलग-अलग विषयों के अंक देखने के लिए। यहाँ तक कि आधिकारिक आंसर की नहीं दी गई, लेकिन कई शिक्षण संस्थानों ने परीक्षा के दिन ही अनौपचारिक आंसर की जारी कर दी, जिससे बच्चों ने अपने अनुमानित स्कोर की गणना कर ली।

कटऑफ और चयन प्रक्रिया

कटऑफ स्कोर कक्षा 6, 7 और 8 के लिए अलग-अलग हैं। यह निर्धारित किया गया कि आवेदन की संख्या और उपलब्ध सीटों के आधार पर चयन होगा। इस बार अधिकांश बच्चों ने लगभग 60-70% अंक प्राप्त किए, जो बताता है कि परीक्षा अपेक्षाकृत संतुलित थी। यह नहीं कहा जा सकता कि किसको चयन हुआ, लेकिन यह बात स्पष्ट है कि जो बच्चे इस परीक्षा में सफल हुए, वे दिल्ली के सबसे आधुनिक सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे — जहाँ टेक्नोलॉजी और शिक्षा एक साथ चल रही है।

क्यों यह बदलाव महत्वपूर्ण है?

दिल्ली में सरकारी स्कूलों की छवि कई वर्षों से खराब रही है। अक्सर ये स्कूल अनुशासन, अपर्याप्त संसाधन और शिक्षकों की कमी के कारण अनुपयुक्त माने जाते रहे। CM SHRI स्कूल इसी चुनौती का जवाब है। यह एक ऐसा प्रयास है जिसमें सरकार सिर्फ बेहतर इमारतें नहीं, बल्कि एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था बनाना चाहती है जो भविष्य के छात्रों को तैयार करे। यह बदलाव शिक्षा के अधिकार के अर्थ को बदल रहा है — अब सरकारी स्कूल बेहतरीन नहीं, बल्कि अग्रणी हो सकते हैं।

अगले कदम: CBSE और भविष्य की तैयारी

इस वर्ष के लिए प्रवेश परीक्षा तो समाप्त हो चुकी है, लेकिन अगला बड़ा चरण अभी बाकी है। अगले वर्ष, CBSE कक्षा 10वीं की प्रमुख परीक्षादिल्ली 1 फरवरी से 14 अप्रैल, 2026 तक आयोजित होगी। इसके लिए छात्रों को कम से कम 33% अंक (थ्योरी + आंतरिक मूल्यांकन) प्राप्त करना होगा। CM SHRI स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब इसी परीक्षा की तैयारी कर रहे होंगे — और उनके लिए यह एक अनूठा फायदा है कि उनके स्कूलों में अब टेक्नोलॉजी और अध्ययन सामग्री दोनों बेहतर हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM SHRI स्कूलों में प्रवेश के लिए कटऑफ कितना रहा?

कटऑफ अभी तक आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुआ है, लेकिन अनुमानों के अनुसार कक्षा 6 के लिए 65-70%, कक्षा 7 के लिए 68-72% और कक्षा 8 के लिए 70-75% के बीच रहा होगा। ये स्कोर आवेदनों की संख्या और उपलब्ध सीटों पर निर्भर करते हैं। अधिकांश छात्रों ने 60% से अधिक अंक प्राप्त किए, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रतिस्पर्धा बहुत तीव्र रही।

क्या CM SHRI स्कूलों में फीस ली जाती है?

नहीं, CM SHRI स्कूल सरकारी स्कूल हैं और इनमें कोई फीस नहीं ली जाती। ये स्कूल दिल्ली सरकार के द्वारा पूरी तरह से वित्तपोषित हैं। छात्रों को बस एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और पिछली कक्षा की मार्कशीट की आवश्यकता होती है। यह एक ऐसा अवसर है जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

परीक्षा के बाद रिजल्ट कब तक आएगा?

रिजल्ट 13 सितंबर, 2025 को ही जारी कर दिए गए थे। छात्र अपने अंक और मेरिट लिस्ट edudel.nic.in पर देख सकते हैं। अगर कोई अंक या रिजल्ट नहीं दिख रहा है, तो उसे [email protected] पर ईमेल करना चाहिए। यह हेल्पडेस्क आधिकारिक तौर पर शिक्षा विभाग के तहत काम करता है।

CBSE में बदलाव का क्या मतलब है?

दिल्ली बोर्ड की जगह CBSE का लागू होना इस बात को दर्शाता है कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय मानकों की ओर बढ़ रही है। CBSE के पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न अधिक व्यापक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य हैं। इससे छात्रों को भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर अवसर मिलेंगे।

क्या CM SHRI स्कूलों में आवेदन फिर से होगा?

हाँ, हर साल एक नया चक्र शुरू होता है। अगले वर्ष के लिए आवेदन अगले वर्ष की गर्मियों में शुरू होंगे। अभी के लिए, 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। लेकिन यह एक नियमित प्रक्रिया बन रही है, जिसका उद्देश्य दिल्ली के हर बच्चे को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देना है।

अगर मेरा रिजल्ट नहीं आया तो क्या करूँ?

अगर आपका नाम या अंक edudel.nic.in पर नहीं दिख रहे हैं, तो सबसे पहले अपना आवेदन संख्या और जन्म तिथि दोबारा चेक करें। अगर फिर भी समस्या है, तो [email protected] पर ईमेल भेजें। आपको अगले 7 कार्यदिवसों में जवाब मिल जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपका आवेदन प्रक्रिया में शामिल हुआ था, आप अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक से भी संपर्क कर सकते हैं।

10 टिप्पणि

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    dinesh baswe

    दिसंबर 15, 2025 AT 13:58

    इस परीक्षा का फॉर्मेट असल में काफी सोचा-समझा हुआ है। ओएमआर बेस्ड, नेगेटिव मार्किंग न होना, दो भाषाओं में सवाल - ये सब बच्चों के लिए दबाव कम करता है। मैंने अपने भाई के बेटे को तैयार करने में मदद की थी, और उसने कक्षा 7 के लिए 71% अंक पाए। अब वो CM SHRI में जा रहा है। बस ये उम्मीद है कि ये स्कूल बस इमारतों तक ही सीमित न रहें।

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    Boobalan Govindaraj

    दिसंबर 17, 2025 AT 03:23

    ये बदलाव सिर्फ दिल्ली के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। कभी-कभी लगता है कि सरकारी स्कूल बस बर्बादी के लिए होते हैं लेकिन अब देखो कैसे बदल रहे हैं। बच्चों को AI लाइब्रेरी और AR/VR क्लासेस मिल रही हैं - ये तो सपना था पहले। बहुत बढ़िया काम किया है।

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    mohit saxena

    दिसंबर 17, 2025 AT 13:56

    कटऑफ 65-70% है तो ये तो बहुत अच्छा है। मैंने देखा कि कई बच्चे जो नियमित तैयारी नहीं करते थे वो भी अच्छे अंक ला रहे हैं। शायद प्रश्नों का स्तर बहुत ज्यादा नहीं था। लेकिन अच्छी बात ये है कि जो लोग तैयार रहे वो अच्छे से चुन लिए गए।

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    Sandeep YADUVANSHI

    दिसंबर 19, 2025 AT 07:12

    अरे यार ये सब बस लोगों को भावुक करने के लिए है। CBSE में बदलना? अब तो हर जगह CBSE है। ये स्कूल बनाने में 100 करोड़ खर्च किए और फिर भी बच्चे नहीं आ रहे। असली दिक्कत तो शिक्षकों की कमी है। ये सब तो बस फोटो शूटिंग है।

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    Vikram S

    दिसंबर 19, 2025 AT 21:52

    यहाँ कुछ लोग तो इतने उत्साहित हैं कि जैसे दिल्ली ने दुनिया को बचाया है! CBSE में बदलना? तो फिर दिल्ली बोर्ड का क्या हुआ? वो भी एक अच्छा बोर्ड था! और रोबोटिक्स लैब? जब तक बच्चे जोड़ घटाना नहीं सीख रहे, तब तक रोबोट बनाने की क्या जरूरत? ये सब बस नए नामों का खेल है।

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    nithin shetty

    दिसंबर 20, 2025 AT 10:10

    क्या आंसर की नहीं दी गई? ये तो बहुत अजीब है। अगर ये एक ऑफिशियल परीक्षा है तो आंसर की देना तो जरूरी है। मैंने देखा कि कुछ टीचर्स ने अनौपचारिक आंसर की डाल दी, लेकिन उसमें भी गलतियाँ हैं। क्या ये सब एक बड़ा गड़बड़ है? ये नहीं होना चाहिए।

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    Aman kumar singh

    दिसंबर 22, 2025 AT 01:15

    ये बदलाव दिल्ली के बच्चों के लिए एक नया उत्सव है। मैंने अपने दोस्त के बेटे को देखा जो पहले स्कूल से घृणा करता था, अब रोबोटिक्स लैब में जाकर खुश है। ये न सिर्फ शिक्षा का बदलाव है, बल्कि उम्मीद का बदलाव है। अगर ये दिल्ली में हो रहा है, तो ये भारत के हर कोने में हो सकता है।

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    UMESH joshi

    दिसंबर 23, 2025 AT 10:31

    इस बदलाव के पीछे एक गहरा दर्शन है - शिक्षा को बस अंकों का खेल नहीं, बल्कि विकास का साधन बनाना। जब बच्चे AI लाइब्रेरी में खुद से सीखने लगते हैं, तो वो अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी संभालने लगते हैं। ये वही चीज है जो हमारी पुरानी शिक्षा प्रणाली भूल गई। लेकिन ये बदलाव धीरे-धीरे होगा। जल्दबाजी में नहीं।

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    pradeep raj

    दिसंबर 24, 2025 AT 05:15

    इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बिंदु ये है कि आधिकारिक रूप से आंसर की नहीं दी गई, जिसके कारण एक अस्थायी और अनौपचारिक जानकारी वितरण चक्र शुरू हो गया है, जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों ने अपने अनुमानित आंसर की जारी कर दीं, जिससे छात्रों को अपने स्कोर के बारे में एक अनुमानित आकलन करने में मदद मिली, लेकिन यह एक नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया के विपरीत है, जिसके लिए एक आधिकारिक निर्देश और नियमावली की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में अनिश्चितता कम हो सके।

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    Vishala Vemulapadu

    दिसंबर 25, 2025 AT 10:19

    ये बस बहुत बढ़िया है। फीस नहीं, टेक्नोलॉजी, CBSE - ये सब एक दिन में कैसे हो गया? मैंने तो अपने बच्चे को निजी स्कूल में डाला था। अब तो सरकारी स्कूल भी निजी स्कूलों से बेहतर हो गए।

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